Summer express, पलवल (सुन्दर कुंडू)। पलवल की अनाज मंडी में तेज बारिश के बाद हुए जलभराव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है। बारिश ने मंडी में जल निकासी के इंतजामों की स्थिति भी उजागर कर दी है। किसानों की परेशानी को देखते हुए जिला उपायुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर और हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के चेयरमैन रामकिशन शर्मा मंडी का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने पानी में उतरकर हालात का निरीक्षण किया और जलभराव की समस्या का जायजा लिया।
बारिश के बाद मंडी परिसर में पानी भरने से किसानों के सामने अपनी फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। धान की खरीद के सीजन में मंडी में जलभराव होने से फसल के भीगने और खराब होने की आशंका बनी हुई है। मंडी की मौजूदा स्थिति को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जल निकासी की व्यवस्था और पानी भरने के कारणों के बारे में जानकारी ली।
हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के चेयरमैन रामकिशन शर्मा ने कहा कि मंडी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसके स्थानांतरण का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी, ताकि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया जा सके। मंडी में बार-बार जलभराव होने से किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए मंडी शिफ्टिंग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जिला उपायुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर ने भी मंडी पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। बारिश के पानी के बीच अधिकारियों के पहुंचने का उद्देश्य जलभराव की स्थिति और निकासी के इंतजामों का जायजा लेना था। मंडी में पानी भरने से किसानों की मेहनत से तैयार फसल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों के लिए यह जरूरी है कि खरीद सीजन के दौरान मंडी में ऐसी व्यवस्था हो, जिससे बारिश होने पर फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
अब किसानों की निगाहें प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री के सामने मंडी शिफ्टिंग का मुद्दा उठाए जाने की बात के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस समस्या के स्थायी समाधान पर विचार होगा। किसानों का मानना है कि मंडी में जल निकासी के पुख्ता इंतजाम और उचित व्यवस्था होने से हर बारिश के दौरान पैदा होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।