बोले- निजी फायदे के लिए कभी नहीं की चापलूसी, वीरभद्र सिंह को लोगों के दिलों से मिटाना नामुमकिन
Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस से निष्कासित ज्वाली के पूर्व विधायक नीरज भारती ने एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए हैं। रामपुर के सराहन पहुंचे नीरज भारती ने जहां पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के योगदान को याद किया, वहीं कांग्रेस सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी होने के आरोप भी लगाए। भारती ने साफ कहा कि जब कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान ही नहीं होगा, तो वह सरकार की तारीफ क्यों करें? उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अपने निजी स्वार्थ के लिए चापलूसी नहीं की और हमेशा कार्यकर्ताओं की आवाज उठाई है। वहीं, वीरभद्र सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि तस्वीरें पोस्टरों से हटाई जा सकती हैं, लेकिन लोगों के दिलों से उनकी यादें नहीं मिटाई जा सकतीं।
नीरज भारती ने कहा कि उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य हमेशा पार्टी कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा करना रहा है। उनका कहना है कि कार्यकर्ता पार्टी को मजबूत बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और सरकार बनने के बाद उन्हें उम्मीद रहती है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन जब उनकी सुनवाई नहीं होती, तो सरकार की झूठी तारीफ करना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है।भारती ने कहा कि अगर उन्हें केवल अपना निजी फायदा देखना होता, तो वह भी नेताओं के दरवाजों पर जाकर अपने काम करवा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बजाय कार्यकर्ताओं के मुद्दों को उठाना उचित समझा। उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी पद या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि उन कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों के लिए थी, जिन्होंने कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पूर्व विधायक ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं को उस दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस सरकार बनने के बाद इन कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें उचित सम्मान मिलेगा। हालांकि, भारती के मुताबिक, उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश के बजाय अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाया। पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस और निष्कासन पर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा। भारती ने कहा कि नोटिस की जानकारी मिलने पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने निजी हितों के लिए नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की आवाज बुलंद करने के लिए खड़े हैं।
इस दौरान नीरज भारती ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को लेकर भी अपनी बात रखी। वीरभद्र सिंह की तस्वीर मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान पोस्टरों से हटाए जाने और मंचों से उनका नाम नहीं लिए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी नेता की तस्वीर पोस्टर से हटाई जा सकती है, लेकिन लोगों के दिलों से उसकी यादों और योगदान को मिटाना संभव नहीं है।भारती ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने लंबे समय तक हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व किया और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में योगदान दिया। उन्होंने किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, जवाली, नगरोटा, हमीरपुर और ऊना सहित कई क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह ने विकास के मामले में किसी क्षेत्र की अनदेखी नहीं की।नीरज भारती ने वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला नेता बताते हुए कहा कि उनकी पहचान केवल पोस्टरों या मंचों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता के योगदान को नजरअंदाज करने से उनका ऐतिहासिक महत्व कम नहीं हो सकता। भारती के मुताबिक, मंचों से वीरभद्र सिंह का उल्लेख नहीं करना छोटी सोच को दर्शाता है।