Summer express, लाहौर। पाकिस्तान में अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित मुहम्मद सरवर की रविवार को मौत हो गई। उसके संगठन पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) ने इसकी जानकारी दी। संगठन के एक प्रवक्ता के अनुसार, पंजाब इकाई का अध्यक्ष सरवर नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहा था, तभी अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
पीएमएमएल ने सरवर की मौत के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, पाकिस्तानी समाचार चैनल ‘24 न्यूज एचडी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी मौत सीढ़ियों से गिरने के बाद सिर में चोट लगने के कारण हुई। सरवर का अंतिम संस्कार रविवार देर रात लाहौर के चुबुरजी इलाके में स्थित जमात-उद-दावा के मुख्यालय जामिया अल-कादसिया में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग को मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) की राजनीतिक शाखा माना जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, हाफिज सईद वर्ष 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। उसे आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई गई थी।
अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने वर्ष 2016 में मुहम्मद सरवर और लश्कर-ए-तैयबा के एक अन्य वरिष्ठ नेता शाहिद महमूद को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इस कार्रवाई का उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना और संगठन को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगाना था।
ओएफएसी के अनुसार, दोनों को लश्कर-ए-तैयबा की ओर से या उसके प्रतिनिधि के रूप में काम करने के कारण प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया था। इस फैसले के तहत अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली उनकी संपत्तियों और संपत्तियों से जुड़े हितों को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, सरवर एक दशक से अधिक समय तक लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ पदाधिकारी रहा था और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुका था। वह कम से कम जनवरी 2015 से लश्कर-ए-तैयबा की लाहौर इकाई का प्रमुख था। अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत उसे संगठन के लिए काम करने और उसके नेटवर्क से जुड़े होने के कारण नामित किया गया था।