Summer express, कैथल, बलविंदर कुमार। हरियाणा में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मांग को लेकर प्रदेशभर में ओपीएस संकल्प यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट किया जाएगा और पुरानी पेंशन बहाली के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। हरियाणा के कर्मचारी नेता एवं प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन योजना बहाल होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा।
विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली केवल आर्थिक मांग नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के भविष्य, सम्मान और सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। वर्षों तक सरकारी विभागों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है और इसे किसी प्रकार की खैरात नहीं समझा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ओपीएस संकल्प यात्रा के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों, ब्लॉकों और सरकारी विभागों में कर्मचारियों से संपर्क किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जागरूकता बढ़ाना, कर्मचारियों की समस्याओं को सामने लाना और प्रदेश स्तर पर आंदोलन को मजबूत करना है। धारीवाल ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक विभाग या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ी है।
कर्मचारी नेता ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह कर्मचारियों की भावनाओं और उनकी मांगों को गंभीरता से समझे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बार-बार अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। कर्मचारी लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ठोस समाधान नहीं निकलने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
धारीवाल ने कहा कि ओपीएस संकल्प यात्रा को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे व्यापक जागरूकता और कर्मचारी एकजुटता अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का उद्देश्य सरकार के साथ टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। यदि मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से और व्यापक किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना की बहाली होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा और इस मांग को पूरा करवाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा।