Summer express/चिंतपूर्णी, विकास -: शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। धलवाड़ी में हेलीपैड का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है, जबकि प्रसाद योजना का कार्य भी धरातल पर शुरू हो चुका है। अब मां चिंतपूर्णी मंदिर को हेली टैक्सी सेवा से जोड़ने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद शर्मा ने भरवाईं में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
विनोद शर्मा ने कहा कि मां चिंतपूर्णी जी की कृपा से क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रसाद योजना को दोबारा शुरू करवाने के प्रयासों के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, केंद्र सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले प्रसाद योजना के लिए स्वीकृत बजट केंद्र को वापस चला गया था। इससे परियोजना के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। हालांकि, अनुराग ठाकुर के विशेष प्रयासों के बाद बजट दोबारा हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा गया, जिसके चलते अब इस योजना का कार्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार एवं संवाद किया गया।
हेली टैक्सी सेवा से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
विनोद शर्मा के अनुसार, धलवाड़ी में हेलीपैड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इसके पूरा होने की उम्मीद है। संघ की ओर से प्रयास किए जाएंगे कि मां चिंतपूर्णी मंदिर को हेली टैक्सी सेवा से जोड़ा जाए। इससे दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सकती है और मंदिर तक पहुंचना आसान हो सकता है।
भरवाईं में बनेगा आधुनिक शौचालय
उन्होंने बताया कि भरवाईं में अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण करवाने की योजना है। इससे चिंतपूर्णी आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।अंत में विनोद शर्मा ने आम जनता से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयासों से मां चिंतपूर्णी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं।