समर न्यूज | अमृतसर
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू के कांग्रेस में लौटने की अटकलें तेज हो गई हैं। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने बुधवार को अमृतसर में कहा कि उन्होंने कभी कांग्रेस छोड़ने की बात नहीं कही थी।
उनके मुताबिक, पार्टी से अलग होने की बात पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की ओर से आई थी। उनके इस बयान को पंजाब कांग्रेस में संभावित वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी में उनकी औपचारिक वापसी को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है।
नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह और पार्टी प्रभारी सचिन पायलट की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में ज्यादातर लोग अच्छे हैं और कुछ लोगों की वजह से पूरे संगठन को गलत नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनके इस रुख को पहले पार्टी नेतृत्व के खिलाफ दिए गए बयानों से अलग माना जा रहा है। नवजोत कौर और पंजाब कांग्रेस नेतृत्व के बीच विवाद पिछले साल उस समय गहरा गया था, जब उन्होंने पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कथित लेन-देन संबंधी बयान दिया था। इसके बाद उन्होंने प्रदेश नेतृत्व, खासकर राजा वड़िंग पर कई आरोप लगाए। कांग्रेस ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा की और अप्रैल 2026 में भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (बीआरपी) की शुरुआत की थी। बीआरपी ने हाल ही में नवजोत कौर को संगठन की प्रमुख जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था और पंजाब के लिए नया प्रभारी नियुक्त किया था।
इस घटनाक्रम के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें बढ़ गईं। अब कांग्रेस नेताओं की तारीफ और पार्टी छोड़ने से इनकार करने वाले बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दी है।
{सिद्धू की भूमिका पर भी नजर: नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन वह पिछले कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं। नवजोत कौर पहले कह चुकी हैं कि उनके पति की राजनीतिक वापसी को लेकर उनका अपना दृष्टिकोण है। यह स्पष्ट नहीं है कि नवजोत कौर की संभावित वापसी से सिद्धू की राजनीतिक सक्रियता पर भी कोई असर पड़ेगा या नहीं।
{चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम: चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में नेतृत्व और एकजुटता को लेकर चर्चाएं जारी हैं। नवजोत कौर के ताजा बयान से वापसी की संभावनाओं पर बहस जरूर तेज हुई है, लेकिन अंतिम स्थिति कांग्रेस नेतृत्व के फैसले और उनके अगले राजनीतिक कदम से ही स्पष्ट होगी।