Summer express/शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति, सरकारी कर्ज और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार भी अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। उन्होंने विपक्ष से पिछली सरकार के कार्यकाल में लिए गए कर्ज का हिसाब जनता के सामने रखने को कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2023 तक हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके अलावा कर्मचारियों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी लंबित थीं। उन्होंने कहा कि जून 2022 में जीएसटी कंपनसेशन बंद होने और अब राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त होने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद सरकार हिमाचल को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में जरूरत के मुकाबले केवल 35 फीसदी डॉक्टर और कर्मचारी उपलब्ध थे। अस्पतालों में एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी सुविधाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी लगभग 15 साल पुरानी थीं। सरकार आईजीएमसी शिमला, चमियाणा, टांडा, नेरचौक और हमीरपुर में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है और मेडिकल कॉलेजों में करीब 70 फीसदी स्टाफ की नियुक्ति की जा चुकी है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना है। पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों के 577 पदों के मुकाबले 320 पद बढ़ाए गए हैं। पैरामेडिकल कॉलेज में वर्ष 2028 में पहला बैच शुरू होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक हिमाचल को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
वित्तीय चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने छठे वेतन आयोग की घोषणा तो की, लेकिन कर्मचारियों की देनदारियों का भुगतान नहीं किया। उनके अनुसार, यदि आरडीजी जारी रहती तो प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित में सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़े हैं।
परियोजनाओं और राजस्व वृद्धि का किया जिक्र
सुक्खू ने बताया कि जेएसडब्ल्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट में वकीलों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर सरकार ने 150 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया। किशाऊ बांध परियोजना में भी प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई जारी है। शराब ठेकों की नीलामी से 400 करोड़ रुपये की आय हुई है, जिसे अगले पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंचाने की संभावना है।
भाजपा पर चुनावी हमला
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार को अभी 13 महीने हुए हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के 16 विधायक भी नहीं जीतने का दावा किया। सुक्खू ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी और हौसला अफजाई तक सीमित है।