Summer express, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने नियंत्रण के उपाय तेज कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 225 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर अंतरराज्यीय बसों की निगरानी करेगी। इसके लिए संबंधित राज्यों की पुलिस और विभागों के बीच एक विशेष व्हाट्सऐप समूह बनाया जाएगा, ताकि नियमों के उल्लंघन की जानकारी तुरंत साझा कर कार्रवाई की जा सके। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों को दिल्ली की सीमा पर रोककर वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
कई इलाकों में धुंध, सुबह एक्यूआई 225 पर पहुंचा
ठंड की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण का असर बढ़ने लगा है। शुक्रवार सुबह शहर के कई इलाकों में हल्की धुंध दिखाई दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार, सुबह नौ बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 225 दर्ज किया गया। शहर के 38 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता खराब, जबकि 18 केंद्रों पर मध्यम श्रेणी में रही।
मौसम विभाग के मुताबिक, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। वहीं, पालम में 18.3 डिग्री, लोधी रोड में 18.6 डिग्री, आयानगर में 19.1 डिग्री और रिज क्षेत्र में 19.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। दिन के दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पड़ोसी राज्यों के साथ सूचना साझा करेगी ट्रैफिक पुलिस
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रैप के पहले चरण के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय मजबूत करने की पहल की है। इस सिलसिले में पुलिस मुख्यालय में विशेष पुलिस आयुक्त अजय चौधरी की अध्यक्षता में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि संबंधित राज्यों की पुलिस और विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विशेष व्हाट्सऐप समूह बनाया जाएगा। इसके माध्यम से बसों की आवाजाही और नियमों के उल्लंघन की जानकारी साझा होगी, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 बसों को ही प्रवेश की अनुमति
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में आने वाली अंतरराज्यीय और अंतरशहरी बसों को निर्धारित पात्रता और उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा। नियमों के तहत पात्र इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली बसों को दिल्ली की सीमा पर रोककर दूसरे मार्गों पर भेजा जाएगा।
व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सीमा क्षेत्रों में संयुक्त जांच दल तैनात करने और वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के लिए बड़े सूचना पट्ट लगाने की योजना भी बनाई गई है।
नवंबर से बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर प्रतिबंधों की तैयारी
बैठक में एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू होने वाले प्रवेश प्रतिबंधों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। प्रशासन का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही सीमित करना और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसके लिए विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।