Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:धर्मशाला में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाले 15वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इस बार 40 देशों की 95 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वतंत्र सिनेमा, हिमालयी संस्कृति और स्थानीय कहानियों को समर्पित इस आयोजन में दुनिया भर के फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों के माध्यम से दर्शकों से रूबरू होंगे। फेस्टिवल में भारतीय फिल्मों के वर्ल्ड, एशियन और इंडियन प्रीमियर के साथ हिमाचल प्रदेश के गद्दी समुदाय पर आधारित फिल्म ‘कटी की राती’ (हंटर्स मून) भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
फेस्टिवल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में एडीसी विनय कुमार ने कहा कि वर्ष 2012 में शुरू हुआ यह आयोजन आज अपने 15वें संस्करण तक पहुंच गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने फेस्टिवल की शुरुआत करने वाली ऋतु सरीन और तेनजिंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों और देशों से करीब 1200 से 1500 मेहमानों के धर्मशाला पहुंचने की उम्मीद है। इससे होटल कारोबार, टैक्सी ऑपरेटरों और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा। इस तरह फिल्म फेस्टिवल पर्यटन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।फेस्टिवल निदेशक ऋतु सरीन ने बताया कि तिब्बतन चिल्ड्रन्स विलेज के समीप आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में फीचर, शॉर्ट और मीडियम लेंथ की फिल्में दिखाई जाएंगी। इस बार 10 भारतीय फिल्मों के वर्ल्ड प्रीमियर, 10 फिल्मों के एशियन प्रीमियर और 10 फिल्मों के इंडियन प्रीमियर होंगे। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को अपनी कहानियां और विचार दर्शकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
इस वर्ष हिमाचल के गद्दी समुदाय पर आधारित फिल्म ‘कटी की राती’ भी प्रदर्शित होगी, जिसमें स्थानीय स्तर पर करीब 40 लोगों ने अभिनय किया है। इसके अलावा हिमालयी क्षेत्रों की नौ फिल्मों को शामिल किया गया है।
हिमालयी क्षेत्र के सात फिल्म निर्माताओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इसमें एक हिमाचली फिल्म निर्माता भी शामिल है। अनुभवी फिल्मकार प्रतिभागियों को उनकी पहली या दूसरी फिल्म बनाने में मार्गदर्शन देंगे।ऋतु सरीन ने कहा कि धर्मशाला में पर्याप्त स्क्रीनिंग हॉल और तकनीकी सुविधाओं की कमी आयोजन के विस्तार में चुनौती है। फिल्मों के प्रदर्शन के लिए दिल्ली से उपकरण मंगवाने पड़ते हैं। इस बार तिब्बतन चिल्ड्रन्स विलेज में बड़े हॉल के अलावा पार्टनर पिक्चर टाइम के तीन इन्फ्लेटेबल हॉल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फिल्म स्क्रीनिंग के पास 10 दिन पहले ही सोल्ड आउट हो चुके हैं, जबकि फेस्टिवल के अन्य कार्यक्रमों में प्रवेश सभी के लिए खुला रहेगा।