Summer express, अमृतसर। पंजाब में दवाइयों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रग कंट्रोल विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत विभागीय अधिकारियों ने तरनतारन रोड स्थित गुरु राम दास मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर करीब 59 हजार रुपये मूल्य की 13 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां जब्त कीं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सील कर दिया गया।
कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब कंवलप्रीत कौर बराड़, जिलाधीश दलविन्द्रजीत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. भारती धवन और जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी कुलविंदर सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। ड्रग कंट्रोल अधिकारी रोहित शर्मा (अमृतसर-1) और गुरदीप सिंह (अमृतसर-5) ने पुलिस अधिकारियों के साथ अड्डा चब्बा, तरनतारन रोड स्थित गुरु राम दास मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि दुकान फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में संचालित की जा रही थी। इसके अलावा, दुकानदार दवाइयों की खरीद से संबंधित रिकॉर्ड भी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
ड्रग कंट्रोल अधिकारियों रोहित शर्मा और गुरदीप सिंह के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर से प्रेगाबालिन सहित 13 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां बरामद हुईं। दवाइयों की खरीद का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण विभागीय टीम ने नियमानुसार उन्हें जब्त कर लिया। इन दवाइयों की अनुमानित कीमत करीब 59 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर को सील भी कर दिया गया।
विभागीय टीम ने इसी अभियान के तहत तरनतारन रोड स्थित जोबन मेडिकल स्टोर और कोट मंगल सिंह क्षेत्र में गुरु नानक मेडिकोज तथा सुख मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इन तीनों प्रतिष्ठानों पर जांच के दौरान कोई अनियमितता नहीं मिली।
ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि वे दवाइयों की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें तथा निर्धारित नियमों के अनुसार ही दवाइयों की बिक्री करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दवा कारोबार में कानूनी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि मेडिकल स्टोरों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि दवाइयों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के साथ आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।