शिमला, संजू -:देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व अर्द्धसैनिकों ने अब अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुरानी पेंशन की बहाली, समयबद्ध पदोन्नति, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और पुनर्वास समेत कई लंबित मांगों को लेकर अर्द्धसैनिक संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस एसोसिएशन ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए 12 से 18 नवंबर तक नई दिल्ली में सांकेतिक भूख हड़ताल करने की घोषणा की। संगठन का दावा है कि इस आंदोलन में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पूर्व अर्द्धसैनिक और उनके परिजन शामिल होंगे। संगठन ने सवाल उठाया कि देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों को पुरानी पेंशन और बेहतर सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है? साथ ही अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के लिए अलग और न्यायसंगत नीतियां बनाने की मांग की।
पूर्व अर्द्धसैनिकों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा के लिए लगातार अपनी सेवाएं देते हैं और कई जवान राष्ट्र की रक्षा करते हुए शहीद भी होते हैं। ऐसे में उनके साथ पेंशन और अन्य सुविधाओं के मामले में भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
एसोसिएशन ने वर्ष 2004 से बंद पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि उन्हें न तो एनपीएस चाहिए और न ही यूपीएस, बल्कि उनकी मांग पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस की बहाली है। इसके अलावा सेवानिवृत्त जवानों के पुनर्वास और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए जिला स्तर पर सीजीएचएस डिस्पेंसरियां स्थापित करने की मांग भी की गई।वहीं, पूर्व एडीजी सीआरपीएफ और अलायंस के अध्यक्ष एचआर सिंह ने पदोन्नति से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीएफ को ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ‘ए’ सर्विस का दर्जा देने से संबंधित फैसला सुनाया था। संगठन का आरोप है कि इसके बाद संसद में पारित सीपीएफ (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) एक्ट, 2026 से कैडर अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति प्रभावित हुई है। इस मुद्दे पर भी सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की गई।प्रेस वार्ता में वीएस कदम ने पुरानी पेंशन बहाली से जुड़े न्यायिक मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के जवान लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने वेतन और पेंशन के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की मांग उठाई, ताकि सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों को इसका लाभ मिल सके।संगठन ने केंद्र सरकार से सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद की जाएगी। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश में अर्द्धसैनिक कल्याण विभाग के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया गया।