Summer express, हलवारा । पंजाब में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगराओं के गांव गगड़ा के बाद अब हलवारा क्षेत्र के गांव राजोआना कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में फायरिंग की घटना सामने आई है। बुधवार तड़के करीब तीन बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे दो नकाबपोश युवकों ने गुरुद्वारा परिसर में घुसकर मुख्य व्यवस्थापक संत बाबा बलदेव सिंह के कमरे की ओर कई गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय बाबा बलदेव सिंह कमरे में मौजूद नहीं थे। वह स्नान करने के लिए गए हुए थे। गोलीबारी में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मोटरसाइकिल छिपाकर गुरुद्वारा परिसर में घुसे हमलावर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरुद्वारा साहिब के नजदीक पहुंचे थे। उन्होंने वाहन को पास के एक मोड़ पर खड़ा किया और इसके बाद परिसर में दाखिल होकर फायरिंग की। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। गोलियों की आवाज से परिसर में मौजूद लोगों के बीच दहशत फैल गई। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
फोरेंसिक और साइबर टीम जुटा रहीं साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए लुधियाना ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता, एसपी (डी) राजन शर्मा सहित पुलिस की विभिन्न टीमें जांच में जुटी हुई हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर अपराध टीम की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस गुरुद्वारा परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही हमलावरों के आने-जाने के रास्तों और फायरिंग के पीछे के संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
गगड़ा में फायरिंग के बाद दूसरी घटना से बढ़ी चिंता
इससे पहले जगराओं के गांव गगड़ा स्थित गुरुद्वारा श्री गोपालसर साहिब के मुख्य द्वार पर भी गोलीबारी की घटना सामने आई थी। जानकारी के अनुसार, वहां फायरिंग के बाद एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से धमकी भरा पत्र भी छोड़ा गया था। पुलिस उस मामले की जांच कर रही है।
कम समय के भीतर धार्मिक स्थलों पर गोलीबारी की दो घटनाएं सामने आने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, दोनों वारदातों के बीच किसी साझा साजिश या आपसी संबंध की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का जांच अभियान जारी है। आरोपियों की पहचान, घटना के पीछे की वजह और दोनों मामलों के बीच किसी संभावित संबंध का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।