Summer express, अमृतसर। पंजाब में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इसके बाद 29, 30 और 31 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम में संभावित बदलाव का असर करवाचौथ के त्योहार पर भी पड़ सकता है। यदि 29 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहते हैं, तो व्रत रखने वाली महिलाओं को रात में चंद्रमा के दर्शन करने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्टूबर तक संभावित खराब मौसम को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने की आशंका है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में बिजली चमकने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। वहीं, 31 अक्टूबर को भी आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे थोड़ा अधिक रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है। इससे पहले 23 से 26 अक्टूबर के दौरान प्रदेश में कहीं छिटपुट बारिश तो कहीं शुष्क मौसम दर्ज किया गया था। आगामी दिनों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है।
पंजाब में अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी
प्रदेश में मंगलवार को औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बठिंडा प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों में चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, पटियाला में 32.4 डिग्री, लुधियाना में 31 डिग्री और अमृतसर में 29.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पठानकोट और थीन बांध के आसपास कुछ स्थानों पर तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। अब सभी की नजरें अगले तीन दिनों के मौसम पर टिकी हैं, क्योंकि बारिश और बादलों की स्थिति का असर जनजीवन के साथ-साथ करवाचौथ के चांद के दीदार पर भी पड़ सकता है।