Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब प्रदेश में डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों, नर्सों, फार्मासिस्टों सहित सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) आईडी बनवानी होगी। इसके बिना संबंधित चिकित्सा परिषदों में नया पंजीकरण करवाना या पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना संभव नहीं होगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी के पास आवेदन के समय वैध HPR आईडी नहीं है तो उसे इसे बनवाने के लिए अधिकतम 90 दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में संबंधित व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर जमा करवाकर आईडी प्राप्त करनी होगी। निर्धारित समय में आईडी नहीं बनवाने पर उसका अस्थायी पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के निलंबित कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में पंजीकरण बहाल होने तक संबंधित स्वास्थ्यकर्मी अपनी प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा।
सरकार ने उन स्वास्थ्यकर्मियों को भी सीमित राहत दी है, जिनके मौजूदा पंजीकरण या नवीनीकरण की अवधि पूरी होने वाली है। ऐसे पेशेवरों को HPR आईडी बनवाने के लिए एक बार 30 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके बाद सभी नए पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए यह आईडी अनिवार्य होगी।
यह नियम हरियाणा स्टेट मेडिकल काउंसिल, हरियाणा स्टेट डेंटल काउंसिल, हरियाणा नर्सेज एंड नर्स-मिडवाइव्स काउंसिल, काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा और हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के माध्यम से होने वाले पंजीकरण पर लागू होगा।
अधिसूचना के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से सभी जरूरी और वैध दस्तावेज जमा करवाने के बाद संबंधित परिषद या विभाग को 10 दिनों के भीतर पंजीकरण का सत्यापन करना होगा। जिन आवेदकों को HPR आईडी के बिना अस्थायी पंजीकरण दिया जाएगा, उन्हें अधिकतम 90 दिनों तक प्रैक्टिस करने की अनुमति रहेगी। इस दौरान उन्हें अपनी आईडी बनवानी होगी।
स्वास्थ्यकर्मियों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित परिषदों की ओर से मोबाइल नंबर और पंजीकृत ई-मेल पर कम से कम तीन बार याद दिलाया जाएगा। पहला संदेश अस्थायी पंजीकरण मिलने के 30 दिनों के भीतर, दूसरा 30 से 60 दिन के बीच और तीसरा अंतिम संदेश 60 से 75 दिनों के बीच भेजा जाएगा। इसके अलावा फोन कॉल या अन्य माध्यमों से भी संपर्क किया जा सकेगा।
सरकार की इस पहल के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और पंजीकरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है। नए नियमों के बाद प्रदेश में चिकित्सा सेवाएं देने वाले संबंधित पेशेवरों के लिए HPR आईडी बनवाना जरूरी हो जाएगा।