Summer express/चंबा/मंजूर पठान-:आजादी के सात दशक से अधिक समय बाद भी चुराह विधानसभा क्षेत्र की खजुआ और बिहाली पंचायतों के लोगों को सड़क सुविधा का इंतजार है। दोनों पंचायतों की तीन हजार से अधिक आबादी सड़क न होने के कारण मुश्किलों में जीवन बिता रही है। ग्रामीणों को रोजाना चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरकार से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। गांव में किसी के बीमार होने पर मुश्किल बढ़ जाती है। सड़क तक वाहन न पहुंचने के कारण मरीज को पालकी में उठाकर दूर ले जाना पड़ता है। ऐसे में उपचार मिलना कठिन होता है। ग्रामीणों ने सरकार से दोनों पंचायतों को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है।
स्थानीय युवाओं ने बताया कि सड़क न होने से लोगों और विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी होती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पैदल सफर करना पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को सड़क तक पहुंचाना परिजनों के लिए चुनौती बन जाता है। युवाओं के मुताबिक, इस समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और आवाजाही की दिक्कतें कम होंगी। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि खजुआ और बिहाली पंचायतों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिले और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए रोजाना संघर्ष न करना पड़े। क्षेत्र का समुचित विकास भी हो।