Summer express, मानसा | नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की हत्या के 23 दिन बाद सीबीआई की टीम एक बार फिर मामले के आरोपी अश्विनी कुमार के मेडिकल स्टोर पर पहुंची। बुधवार को सीबीआई ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रेलवे फाटक के पास स्थित मेडिकल स्टोर के मलबे को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान मलबे की सफाई के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है।
सीबीआई अधिकारियों को आशंका है कि मेडिकल स्टोर के मलबे के नीचे हत्या से जुड़े अहम सुराग या सबूत दबे हो सकते हैं। इन्हें बरामद करने के उद्देश्य से मलबे को व्यवस्थित तरीके से हटाया जा रहा है, ताकि जांच में कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य छूट न जाए। पूरी कार्रवाई सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है।
जांच के दौरान किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने रेलवे फाटक के पास मेडिकल स्टोर की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
सीबीआई की इस कार्रवाई की जानकारी मिलने पर परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी न होने और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। भीम सिंह ने एसएसपी के मौके पर नहीं पहुंचने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका बेटा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए अपनी जान गंवा बैठा, लेकिन एसएसपी ने घटनास्थल पर आना भी जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते मामले को गंभीरता से लिया होता और सतर्कता बरती होती तो शायद आज उनका बेटा उनके बीच होता। फिलहाल सीबीआई की टीम मलबे से संभावित साक्ष्य जुटाने में लगी है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।