Summer express, गुवाहाटी | असम के गुवाहाटी स्थित होटल बिलास इन में पांच लोगों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। बुधवार तड़के शिवसागर जिले में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोगोई की मौत हो गई, जबकि एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। आरोपी पर 26 अक्टूबर को होटल में पांच लोगों को गोली मारकर हत्या करने का आरोप था।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 3:10 बजे शिवसागर जिले के गौरीसागर थाना क्षेत्र में रोंगमन ढाबा के पास फुलपानीचिगा में हुई। शिवसागर पुलिस की एक टीम गुवाहाटी से घनकांत गोगोई को एक पुराने मामले में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए जिले में ला रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।
शिवसागर की पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े ऋण धोखाधड़ी के एक लंबित मामले में गुवाहाटी की अदालत से प्रोडक्शन वारंट मिलने के बाद पुलिस आरोपी को शिवसागर लेकर आ रही थी। रास्ते में गोगोई ने शौच जाने के बहाने वाहन रुकवाया और अचानक फरार होने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और एक अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, संघर्ष के दौरान सर्विस रिवॉल्वर से तीन गोलियां चलीं, जिनमें एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद टीम के साथ मौजूद शिवसागर सदर थाना प्रभारी के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) ने आरोपी को भागने से रोकने के लिए अपनी सर्विस गन से गोली चलाई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घनकांत गोगोई घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में शिवसागर टाउन थाने के सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा भी घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए शिवसागर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी पांच लोगों की हत्या के मामले में वांछित था और उसके हिंसक व्यवहार को देखते हुए पुलिस टीम ने पहले से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हुए थे।
दरअसल, 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि होटल की संपत्ति के प्रबंधन और नवीनीकरण पर होने वाले खर्च को लेकर घनकांत गोगोई और होटल मालिक के परिवार के बीच विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और मामला गोलीबारी तक पहुंच गया।
इस घटना में होटल की मालकिन हेलेना भराली (58), उनके बड़े भाई भूदेव भराली (65), बेटे देबर्षि कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और परिवार से जुड़े नारायण दास (48) की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, परिवार का ड्राइवर सत्येंद्र पाठक भी गोलीबारी में घायल हुआ था। उसे इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जांच के दौरान सामने आया था कि वारदात में इस्तेमाल की गई .32 बोर की पिस्तौल 16 अक्टूबर 2024 को दीमापुर स्थित स्वस्ति गन हाउस से खरीदी गई थी। इसके साथ 40 कारतूस भी खरीदे गए थे। पिस्तौल और कारतूस की कुल कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई थी।