Summer express, फरीदाबाद। शहर के रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ रही है। सेक्टर-21सी में करीब आठ फीट लंबा अजगर दिखाई देने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया और आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अजगर काफी लंबा था और रिहायशी क्षेत्र में उसके दिखाई देने से लोगों में डर का माहौल बन गया था। वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अजगर को सुरक्षित पकड़े जाने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि फरीदाबाद के आसपास के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार अजगर मिलने के मामले सामने आ रहे हैं। भांकरी गांव के अलग-अलग मकानों में अजगर दिखाई दिए थे। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू करवाकर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया था।
इसके अलावा मेवला महाराजपुर, सेक्टर-81, आईएमटी चौक स्थित ट्रैफिक पुलिस बूथ, पल्ला पुल, ग्रीन फील्ड कॉलोनी और पाली गांव में भी पहले अजगर मिल चुके हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने का एक प्रमुख कारण इन क्षेत्रों का अरावली वन क्षेत्र और अन्य हरित क्षेत्रों के नजदीक होना है। जंगल से सटे इलाकों में कई बार वन्यजीव भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी की ओर आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और वन्यजीव दिखाई देने पर खुद उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।
वन्य एवं प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर हंसराज ने बताया कि अरावली से सटे इलाकों में कई बार वन्यजीव दिखाई देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी रिहायशी क्षेत्र में अजगर या अन्य वन्यजीव नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें। विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करेगी और वन्यजीव को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ेगी।