Shimla, 29 July
हिमाचल प्रदेश में सेब को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। एमआईपी यानी मिनिमम इंपोर्ट प्राइस के मुद्दे पर राठौर ने बीजेपी नेताओं पर बागवानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आयात शुल्क बढ़ाने की मांग की है।
केंद्र से बढ़े आयात शुल्क की करें मांग
कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेताओं ने हाल ही में यह दावा किया कि केंद्र सरकार ने सेब पर एमआईपी को 50 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है, जबकि राज्यसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा दिए गए लिखित उत्तर में साफ कहा गया है कि एमआईपी अब भी 50 रुपये प्रति किलो ही है और आयात शुल्क 50% बना हुआ है।राठौर ने कहा कि यह बयान गुमराह करने वाला है और इससे प्रदेश के सेब उत्पादक किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने प्रदेश के सभी सांसदों को पत्र लिखकर केंद्र से सेब पर आयात शुल्क को 100% करने की मांग की थी।
राठौर ने यह भी कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर ने उनके पत्र का जवाब दिया और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने सदन में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र के इस बयान को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
भूमि कटाव की अनदेखी भी आपदाओं को बढ़ा रही
कुलदीप राठौर ने प्रदेश में हो रही प्राकृतिक आपदाओं पर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने इसके पीछे पर्यावरण से छेड़छाड़, अवैज्ञानिक खुदाई, अवैध खनन और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को जिम्मेदार ठहराया है।राठौर ने कहा कि फोरलेन निर्माण और अन्य विकास कार्यों में भूमि कटाव की अनदेखी भी आपदाओं को बढ़ा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में दीर्घकालिक योजना बनाई जानी चाहिए और इस विषय पर विधानसभा में भी चर्चा होनी चाहिए।
इसके अलावा, कुलदीप राठौर ने उच्चतम न्यायालय द्वारा सरकारी भूमि पर लगे सेब के पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह अवैध कब्जों के खिलाफ हैं, लेकिन फल लगे पेड़ों की कटाई उस समय नहीं होनी चाहिए थी।