मुंबई | टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनी टाटा मोटर्स यूरोप की ट्रक मैन्युफैक्चरर कंपनी Iveco को करीब 4.5 अरब डॉलर (₹37,000 करोड़) में खरीदने की तैयारी में है। यह सौदा टाटा के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा — इससे पहले 2007 में टाटा स्टील ने कोरस ग्रुप को 12 अरब डॉलर में खरीदा था।
क्या है डील का असर?
इस बड़ी डील की खबर से टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट देखी गई — स्टॉक 3.75% टूटा और 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर से 45% नीचे चल रहा है, जबकि broader market में तेजी बनी हुई है।
कहां तक पहुंची बातचीत?
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को टाटा मोटर्स और Iveco के बोर्ड इस डील को लेकर फैसला ले सकते हैं। अगर मंजूरी मिली, तो जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा होगी। शुरुआत में टाटा मोटर्स Iveco में Exor की 27.1% हिस्सेदारी खरीदेगी। Exor, इटली की मशहूर Agnelli फैमिली की निवेश कंपनी है।
डील से क्या बदलेगा?
- टाटा मोटर्स का वाणिज्यिक वाहन कारोबार तीन गुना तक बढ़ सकता है।
- रेवेन्यू 75,000 करोड़ से उछलकर 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
- यह डील, 2008 की JLR डील (2.3 अरब डॉलर) से भी बड़ी होगी।
रक्षा कारोबार नहीं शामिल
Iveco का डिफेंस डिवीजन इस डील से बाहर रखा जाएगा, क्योंकि इटली सरकार इसे रणनीतिक सेक्टर मानती है।
पुराना रिश्ता भी है
Agnelli फैमिली और टाटा ग्रुप के रिश्ते पुराने हैं — फिएट इंडिया के साथ टाटा का जॉइंट वेंचर रह चुका है। Agnelli के पास फेरारी और Stellantis (Fiat, Peugeot, Citroën आदि) में भी बड़ा दखल है।