Shimla, 30 July
हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद थुनाग स्थित हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री कॉलेज (COHF) के स्थानांतरण के सरकार के फैसले का छात्रों के अभिभावकों ने समर्थन किया है। अभिभावकों का कहना है कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया, जिसके लिए वे सरकार के आभारी हैं।
30 जून, 2025 की रात को थुनाग क्षेत्र में आई बाढ़ से कॉलेज के छात्र-छात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुए थे। आपदा के दौरान दो दिनों तक भोजन, पानी और आवश्यक सुविधाओं की भारी कमी रही। स्थिति इतनी भयावह थी कि छात्रों को 3 जुलाई को पैदल ही सुरक्षित स्थानों की ओर निकलना पड़ा।शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में अभिभावकों ने बताया कि संकट की इस घड़ी में सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कॉलेज को नाचन स्थानांतरित करने का निर्णय लिया, जिससे छात्रों को सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
अभिभावकों ने बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा 9 जुलाई को और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से 11 जुलाई को हुई मुलाकात का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों की जान को प्राथमिकता दी।विरोध की आवाजों को लेकर अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि कॉलेज स्थानांतरण पर आपत्ति केवल कुछ स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों की है, जिन्हें संभावित आर्थिक नुकसान की चिंता है। उन्होंने कहा कि न तो कोई अभिभावक और न ही कोई छात्र इस फैसले से असंतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस आपदा को भी निजी हितों के लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं।