चंडीगढ़ | पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी गई। केंद्र सरकार ने उनके एनसीएसएल-2025 समिट में शामिल होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इस समिट में दुनियाभर से प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों की योजनाएं और सफलताएं साझा करने वाले थे।
मंत्री हरभजन सिंह ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें शायद इसलिए रोका गया क्योंकि वे पंजाब से हैं। यह मौका था जब वह ‘पंजाब मॉडल’ को वैश्विक मंच पर पेश कर सकते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि पंजाब द्वारा किए गए नवाचारों और प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले। मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियों के साथ भेदभाव कर रही है।
हरभजन सिंह का यह बयान सियासी हलकों में नए सियासी विवाद को जन्म दे सकता है, क्योंकि यह मामला राज्यों के अधिकार और केंद्र के हस्तक्षेप से जुड़ा हुआ है।