गुड़गांव | मानेसर नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव के लिए 5 अगस्त की तारीख तय होते ही हरियाणा की राजनीति में हलचल मच गई है। एक ओर जहां निगम प्रशासन चुनावी तैयारियों में जुट गया है, वहीं भाजपा खेमे में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह गुटों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों खेमे एक-दूसरे को मात देने के लिए पार्षदों को ‘सेफ जोन’ में भेज रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले भाजपा समर्थित कुल 14 पार्षदों को कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के गुट ने नेपाल भेज दिया है ताकि वे किसी दूसरी लॉबी के संपर्क में न आएं। इन पार्षदों में 7 भाजपा और 7 निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। वहीं, राव इंद्रजीत सिंह के गुट ने भी पहले ही अपने 12 समर्थक पार्षदों को गोवा और गुवाहाटी भेज दिया था। अब दोनों खेमे 5 अगस्त को वोटिंग बूथ पर सीधे पार्षदों को लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मानेसर नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था। भाजपा के प्रत्याशी सुंदरलाल यादव को हराकर निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रजीत कौर यादव ने जीत हासिल की थी। कहा जाता है कि इंद्रजीत कौर को खुद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का अंदरूनी समर्थन मिला था, जबकि सीएम और भाजपा के दिग्गज नेता सुंदरलाल के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। अब सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर फिर से वही सत्ता संघर्ष दोहराया जा रहा है।
इसी बीच, हाल ही में मानेसर के एक भाजपा पार्षद के साथ हुई मारपीट और उसमें मेयर इंद्रजीत कौर यादव के पति राकेश यादव का नाम आने से मामला और भी गरमा गया था। मेयर ने तब कैबिनेट मंत्री राव नरबीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने मानेसर की राजनीति को फिर से गरमा दिया है, जहां एक तरफ गुटबाज़ी चरम पर है तो दूसरी ओर जनता को भी यह समझने में मुश्किल हो रही है कि असली सत्ता की चाबी किसके पास है। 5 अगस्त को होने वाले मतदान में यह तय होगा कि भाजपा के भीतर चल रही यह लड़ाई किस गुट के पक्ष में पलड़ा झुकाएगी।