नई दिल्ली | झारखंड की राजनीति में अहम किरदार निभाने वाले और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का आज सुबह नई दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। सुबह 8:48 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से झारखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर है।
राजनीति में अपूरणीय क्षति
शिबू सोरेन न केवल झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, बल्कि उन्होंने राज्य के गठन में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्हें आदिवासी समुदाय का मजबूत नेता और झारखंड आंदोलन का चेहरा माना जाता है। उनके समर्थक उन्हें सम्मानपूर्वक ‘दिशोम गुरुजी’ कहकर पुकारते थे।
हेमंत सोरेन का भावुक संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो उनके पुत्र हैं, ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा— “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं।
आज मैं शून्य हो गया हूं।” उनके इस भावुक संदेश से यह स्पष्ट हो गया कि झारखंड के एक युग का अंत हो गया है।
एक युग का अंत
शिबू सोरेन की राजनीतिक विरासत, आदिवासी अधिकारों की लड़ाई और झारखंड के गठन में उनके योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा। उनका निधन न सिर्फ JMM बल्कि झारखंड की राजनीति के लिए एक गहरी क्षति है।