नई दिल्ली | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर बनाए रखने का फैसला किया। यह फैसला आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से लिया गया।
इस निर्णय के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 208 अंक टूटकर 80,501 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 94 अंक फिसलकर 24,555 पर पहुंच गया।
महंगाई नियंत्रण में, लेकिन सतर्क रुख
आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि कोर महंगाई दर 4% पर बनी हुई है, और मानसून समेत अन्य आर्थिक संकेतक देश की ग्रोथ को मजबूती दे रहे हैं। इसके बावजूद रिज़र्व बैंक ने अपना मौद्रिक रुख “न्यूट्रल” बनाए रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बैंक अभी भी आर्थिक परिस्थितियों को लेकर सतर्क है।
वैश्विक बाज़ार से भी मिले नकारात्मक संकेत
अमेरिका और एशिया के बाजारों में भी गिरावट देखी गई। कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और टैरिफ संबंधी चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। अमेरिका में नैस्डैक, एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स तीनों इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।
FIIs का भरोसा कमजोर, DIIs का दांव बरकरार
5 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 2,383 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,789 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह साफ संकेत है कि घरेलू निवेशक अभी भी बाजार में संभावनाएं देख रहे हैं।