21 August, 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि इस वर्ष 22 अगस्त 2025, शुक्रवार को पड़ रही है। पितरों की पूजा और श्राद्ध के लिए यह तिथि विशेष महत्व रखती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार का मध्यान्ह काल—जो पितृ पूजन के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है—केवल इसी दिन उपलब्ध होगा।
अमावस्या की अवधि
- आरंभ: 22 अगस्त 2025, प्रातः 11:55 बजे
- समाप्ति: 23 अगस्त 2025, प्रातः 11:35 बजे
हालांकि तिथि अगले दिन तक रहेगी, लेकिन पितृ पूजन के लिए मान्य मध्यान्ह काल 22 अगस्त को ही प्राप्त होगा। इसीलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे पूजन और तर्पण इसी दिन करें।
धार्मिक मान्यता
भाद्रपद अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए जल अर्पण, तर्पण, पिंडदान और दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन किया गया श्राद्ध न केवल पितरों को तृप्त करता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और संतोष भी लाता है।
क्या करें, क्या न करें
- स्नान के बाद तिल, कुश और जल से पितरों को अर्घ्य दें।
- ब्राह्मणों को भोजन करवाना और दान करना श्रेष्ठ माना जाता है।
- नकारात्मक कार्य, व्यर्थ विवाद या अपवित्र भोजन से बचें।