बीजिंग | चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित भव्य सैन्य परेड के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने औपचारिक द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक दिया ओयुताई स्टेट गेस्ट हाउस में हुई। आयोजन द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर तियानआनमेन चौक पर किया गया था, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको भी मौजूद रहे।
क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन और किम औपचारिक समारोह से बैठक स्थल तक एक ही कार में पहुंचे, जिसने दोनों नेताओं की नज़दीकी को और स्पष्ट कर दिया। बैठक की शुरुआत में पुतिन ने कहा कि रूस की कुर्स्क सीमा पर यूक्रेनी हमलों को रोकने में उत्तर कोरिया के सैनिकों ने बहादुरी से रूस का साथ दिया।
दक्षिण कोरिया के आकलन के अनुसार, पिछले वर्ष से अब तक करीब 15,000 उत्तर कोरियाई सैनिक रूस भेजे जा चुके हैं। किम जोंग उन ने इस सहयोग को “भाईचारे का कर्तव्य” बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग में हुई यह मुलाकात न केवल रूस और उत्तर कोरिया की साझेदारी को मज़बूत करने का संकेत है, बल्कि चीन के समर्थन के साथ अमेरिका और पश्चिमी देशों को भी सीधा संदेश देती है।