बीजिंग | उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात तो चर्चा में रही ही, लेकिन उसके बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। इस वीडियो में किम जोंग की टीम बैठक खत्म होने के बाद उनकी कुर्सी, टेबल और यहां तक कि गिलास तक को साफ करती नज़र आई।
मुलाकात के बाद ‘फॉरेंसिक क्लीनअप’ जैसा नज़ारा
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही बैठक समाप्त हुई, किम का स्टाफ उनके इस्तेमाल किए गिलास को सावधानी से पैक कर ले गया। कुर्सी और टेबल तक को कपड़े से पोंछा गया। मीडिया रिपोर्ट्स इसे ‘फॉरेंसिक क्लीनअप’ बता रही हैं, ताकि किम का कोई भी डीएनए या जैविक निशान पीछे न छूटे।
डीएनए से क्यों डरते हैं नेता?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति के डीएनए से उसकी सेहत और बीमारियों की जानकारी निकाली जा सकती है। जब बात राष्ट्राध्यक्ष की हो, तो यह जानकारी दुश्मन देशों के लिए बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
पुतिन का भी सख्त प्रोटोकॉल
गौर करने वाली बात यह है कि किम ही नहीं, बल्कि व्लादिमीर पुतिन भी इस मामले में बेहद सतर्क रहते हैं। विदेशी दौरों के दौरान पुतिन का मल-मूत्र तक खास सूटकेस में सील कर मॉस्को भेजा जाता है, ताकि कोई खुफिया एजेंसी उससे उनकी हेल्थ रिपोर्ट तैयार न कर सके।
सिर्फ सुरक्षा या कूटनीति?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम केवल सेहत छिपाने की कोशिश नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है—दुनिया को यह दिखाने का कि इन नेताओं का भरोसा किसी पर नहीं है, चाहे वह सहयोगी देश ही क्यों न हो।
बेटी संग दिखे किम
इस मुलाकात में किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ भी पहली बार किसी विदेशी दौरे पर साथ नज़र आईं, जिससे उत्तर कोरिया की अगली पीढ़ी की लीडरशिप को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।
दोस्ती या सतर्कता?
हालांकि बैठक में किम और पुतिन ने एक-दूसरे के प्रति गर्मजोशी जताई और रूस-उत्तर कोरिया संबंधों को मज़बूत करने की बात कही, लेकिन ‘डीएनए क्लीनिंग’ ने साफ कर दिया कि इन मुस्कानों के पीछे गहरी सतर्कता और रणनीति छिपी है।
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