काहिरा। सूडान के पश्चिमी क्षेत्र दारफुर में रविवार (31 अगस्त 2025) को हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में 800 से 1,000 तक लोगों की मौत हुई है, जबकि अब तक 375 शव बरामद कर दफनाए जा चुके हैं। मरने वालों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
बच्चों और गांव पर कहर
अंतरराष्ट्रीय संस्था सेव द चिल्ड्रन ने बताया कि हादसे में करीब 200 बच्चों की जान गई, जबकि 150 लोगों को जिंदा बचाया गया, जिनमें 40 बच्चे शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है। यह हादसा Marrah Mountains के Tarsin गांव में हुआ, जहां भारी बारिश के बाद पहाड़ का हिस्सा टूटकर गांव पर गिर गया। स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और कई मकान मलबे में समा गए।
दो लहरों में आया भूस्खलन
गांववालों और बचावकर्मियों ने बताया कि भूस्खलन दो बार हुआ। पहली लहर दोपहर में आई और कुछ घंटे बाद आई दूसरी लहर ने उन लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जो बचाव में जुटे थे।
राहत और बचाव कार्य
खराब रास्तों और दुर्गम इलाके के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। Save the Children की टीम ने गांव तक पहुंचने के लिए गधों का सहारा लिया। वहीं, स्थानीय प्रशासन, मानवीय संगठन और यूएन एजेंसियां राहत सामग्री, दवाइयां और मोबाइल क्लीनिक भेज रही हैं।
बढ़ा मानवीय संकट
दारफुर का यह क्षेत्र पहले से ही गृह युद्ध की मार झेल रहा है, जिसमें अब तक 40,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 1.2 करोड़ लोग विस्थापित हो चुके हैं। ऐसे में यह प्राकृतिक आपदा स्थिति को और गंभीर बना रही है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे सूडान के इतिहास की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक बताया है।