चंडीगढ़। हिमाचल और पंजाब की नदियों में लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने एक बार फिर बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) और पंजाब सरकार की चिंता बढ़ा दी है। तकनीकी कमेटी का कहना है कि इस बार बाढ़ की बड़ी वजह बांधों में सामान्य से 20% अधिक पानी की आवक और पंजाब सरकार की ओर से नदियों व नालों की समय पर सफाई न होना है।
पौंग, भाखड़ा और रणजीत सागर डैम पर दबाव
- पौंग डैम: शुक्रवार को डैम में 1 लाख क्यूसेक से अधिक पानी पहुंचा, जिसके बाद फ्लड गेट खोलकर बराबर मात्रा में पानी छोड़ा गया।
- भाखड़ा डैम: लगातार दूसरे दिन फ्लड गेट खोलकर 85,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 14 घंटे तक पानी छोड़ने के बाद भी जलस्तर केवल 0.31 फीट कम हो सका।
- रणजीत सागर डैम: जलस्तर 526.39 मीटर पर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से मात्र 0.039 मीटर नीचे है। शुक्रवार को यहां 49,025 क्यूसेक पानी की आवक और 70,657 क्यूसेक पानी की निकासी दर्ज की गई।
अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 6 से 8 सितंबर तक पंजाब और उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है। यदि अनुमान सही निकला तो बांधों में पानी का दबाव और बढ़ेगा। ऐसे हालात में फ्लड गेट से अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ेगा, जिससे पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा जाएगा।
बीबीएमबी और सरकार की दुविधा
फिलहाल न तो बीबीएमबी और न ही पंजाब सरकार के पास बाढ़ से बचाव का ठोस समाधान है। हालात बिगड़े तो कई गांवों को चपेट में आने का खतरा है।