जालंधर। बाढ़ से तबाह जालंधर संसदीय क्षेत्र में राहत और पुनर्वास कार्यों के बीच सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सवालों के घेरे में हैं। जनता उन्हें “लापता सांसद” कहकर पुकार रही है। शाहकोट, नकोदर और फिल्लौर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लोग सरकारी मदद की राह देख रहे हैं, लेकिन सांसद की सक्रियता कहीं और नज़र आ रही है।
जनता में नाराजगी
लोगों का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दिलाने के बावजूद सांसद चन्नी संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े नहीं हुए। कई ग्रामीणों और शहरी इलाकों में “सांसद लापता” के पोस्टर तक लगाए गए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके चन्नी 2022 विधानसभा चुनावों में दो सीटों से हारने के बाद हाशिए पर चले गए थे। लेकिन जालंधर से जीत ने उन्हें नई राजनीतिक संजीवनी दी। इसके बावजूद, जनता का आरोप है कि वे जालंधर से ज्यादा चमकौर साहिब क्षेत्र में ही सक्रिय रहते हैं।
सोशल मीडिया पर “ड्रामा” का आरोप
हाल ही में चन्नी के ट्रैक्टर चलाते और बोरियां भरते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जालंधर के मतदाता इन्हें “ड्रामा” मानते हुए कह रहे हैं कि सांसद चुनाव जीतने के बाद भी अपने पुराने क्षेत्र से ही राजनीति चमकाने में जुटे हैं।
कांग्रेस भी नाराज़
पंजाब कांग्रेस महासचिव (ऑर्गेनाइजेशन) कैप्टन संदीप संधू ने हाल ही में चन्नी को पत्र लिखकर याद दिलाया कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र जालंधर में सक्रिय रहना चाहिए। पार्टी सूत्रों का मानना है कि अगर यही हालात रहे तो 2027 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को यहां बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
जनता की उम्मीदें टूटीं
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि सांसद अगर गांवों और शहरों में जाकर हालात देखते तो प्रशासन पर भी काम करने का दबाव बढ़ता। फिल्लौर के एक युवक ने तंज कसा—“सांसद को खोजने के लिए शायद गुमशुदगी का इश्तहार देना पड़े।”
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बेचैनी
सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी नाराज हैं। उनका कहना है कि महीनों गुजर जाते हैं लेकिन सांसद से मुलाकात तक नहीं हो पाती। इस रवैये ने कार्यकर्ताओं का मनोबल भी तोड़ा है।