Shimla, Sanju
7 सितंबर 2025, रविवार को साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो पूरे भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा की रात लगेगा और अगले दिन यानी 8 सितंबर को देर रात समाप्त होगा। खगोलीय दृष्टि से इसे ब्लू मून भी कहा जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से गुजरते हुए लाल और नारंगी रंग में नजर आएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि चंद्र ग्रहण का आरंभ रात 9:57 बजे होगा और इसका समापन देर रात 1:56 बजे तक रहेगा। इसका सबसे अद्भुत नजारा रात 11:00 बजे से दिखाई देगा।
सूतक काल और धार्मिक मान्यताएँ
पंडित नौटियाल के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इसलिए 7 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मूर्तियों का स्पर्श वर्जित रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी को कोई धार्मिक या पारिवारिक कार्य करना है तो वह दोपहर 12:30 बजे तक संपन्न कर ले।
भोजन और सावधानियाँ
- भोजन रात 9:57 बजे से पहले कर लेना चाहिए।
- ग्रहण के समय तरल पदार्थों में कुशा या तुलसी दल डालकर उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए।
- इस अवधि में गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है।
श्राद्ध पक्ष की शुरुआत
इसी दिन से पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) की शुरुआत भी हो रही है, जो 21 सितंबर तक चलेगा। जिनके श्राद्ध पूर्णिमा के दिन होते हैं, वे 7 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तक उन्हें संपन्न कर सकते हैं।
किन राशियों पर पड़ेगा असर
ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण खासकर कुंभ, सिंह, वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों के लिए कष्टकारी हो सकता है। ऐसे जातकों को दान-पुण्य और भगवान का नाम जप करने की सलाह दी गई है।