नई दिल्ली | देशभर में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन जाते-जाते यह मौसम खतरनाक रूप दिखा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। सबसे ज्यादा खतरा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को है, जहां अगले 12 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं।
हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश पहले ही इस मानसून में भारी तबाही झेल चुका है। अब ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में बहुत भारी वर्षा की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है। अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 419 मौतें हो चुकी हैं और राज्य को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
उत्तराखंड में हालात बिगड़े, 2500 सैलानी फंसे
उत्तराखंड में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाल ही में देहरादून में बादल फटने से कई इलाके जलमग्न हो गए। देहरादून-मसूरी मार्ग टूटने से लगभग 2500 पर्यटक मसूरी में फंस गए हैं। राहत-बचाव कार्य जारी हैं और प्रशासन अगले 48 घंटे तक अलर्ट मोड पर है।
देशभर में येलो अलर्ट
IMD ने बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया है।
पंजाब में बाढ़ और राहत पैकेज की मांग
पंजाब इस बार बाढ़ जैसी आपदा से जूझा है। राज्य के सभी 23 जिले प्रभावित हुए, करीब 1900 गांव डूबे और हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से 20,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है।
मानसून की वापसी और बारिश के आंकड़े
IMD के अनुसार, मानसून की वापसी 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- इस साल अब तक देशभर में औसतन 836.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 7% अधिक है।
- उत्तर पश्चिम भारत में 34% अधिक, मध्य भारत में 11% अधिक और दक्षिण भारत में 7% अधिक बारिश दर्ज की गई है।
- वहीं, पूर्वोत्तर भारत में 20% कम वर्षा हुई है, जो कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
प्रशासन अलर्ट पर
IMD की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने बचाव दलों को तैनात किया है। निचले और पहाड़ी इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है, खासकर भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में।