यरुशलम/गाजा। इज़राइल और गाजा के बीच युद्ध अब बेहद भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को निर्देश दिया है कि गाजा में हमास के खिलाफ बिना किसी रोक-टोक के कार्रवाई की जाए। नेतन्याहू ने साफ कहा, “हम हर हाल में यह युद्ध जीतेंगे, चाहे कीमत कुछ भी चुकानी पड़े।”
युद्ध की मौजूदा स्थिति
- इज़राइली सेना ने हवाई हमलों और ज़मीनी कार्रवाई की तीव्रता बढ़ा दी है।
- अस्पतालों, राहत शिविरों और नागरिक इलाकों में बमबारी की खबरें आ रही हैं।
- गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 64,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
नेतन्याहू का ऐलान
नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं झुकेगा और IDF को आतंकवाद के हर ठिकाने को तबाह करने की पूरी छूट दी गई है। उनका कहना है कि “गाजा को हमास-मुक्त करना हमारा मिशन है।”
अंतर्राष्ट्रीय दबाव और प्रतिक्रियाएं
संयुक्त राष्ट्र ने लगातार युद्धविराम की अपील की है और नागरिकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। अमेरिका ने इज़राइल को सैन्य समर्थन जारी रखने की बात कही, हालांकि मानवीय सहायता के लिए अस्थायी युद्धविराम की मांग भी रखी। वहीं, तुर्की, ईरान और कई अरब देशों ने इज़राइल की कार्रवाई को “नरसंहार” बताया है।
गाजा में मानवीय संकट
गाजा में खाद्य, पानी और दवाइयों की भारी कमी है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 10 लाख से अधिक नागरिक शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अस्पतालों में ईंधन और दवाइयों की कमी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नेतन्याहू की “खुली छूट” वाली घोषणा के बाद आने वाले दिनों में गाजा पर सैन्य दबाव और भी बढ़ सकता है। युद्ध कब और कैसे खत्म होगा, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन गाजा का मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।