Summer express,बहादुरगढ़ | बहादुरगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली। शुक्रवार दोपहर हल्की बारिश के चलते क्षेत्र की अनाज मंडियों में खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
आसौदा और छारा मंडियों में गेहूं के बड़े ढेर खुले में पड़े हैं, जबकि उठान की गति बेहद धीमी बनी हुई है। कई जगहों पर बोरियों में भरा गेहूं भी बारिश से प्रभावित हुआ।
छारा मंडी की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है, जहां अब तक सवा लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन खरीद का काम अभी आधे से भी कम हुआ है। वहीं उठान 20 प्रतिशत से भी कम दर्ज किया गया है।
इसी तरह आसौदा मंडी में करीब 99 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से लगभग 66 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है, जबकि उठान मात्र 24 हजार क्विंटल ही हो पाया है।
शहर की अनाज मंडी, जहां से विभागीय गोदाम केवल 100 मीटर की दूरी पर है, वहां भी स्थिति बेहतर नहीं है। यहां लगभग 12 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 10 हजार क्विंटल से अधिक की खरीद हो चुकी है, लेकिन उठान अभी भी धीमा है।
बारिश से पहले मंडी में रखी गेहूं की बोरियों को ढकने के दावों के बावजूद कई जगह बोरियां खुले में भीगती देखी गईं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुल मिलाकर क्षेत्र की तीनों प्रमुख मंडियों,आसौदा, छारा और शहर मंडी में अब तक दो लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन उठान की धीमी रफ्तार के कारण मंडियों में अनाज का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
मौसम में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन बारिश ने मंडी प्रबंधन की तैयारियों की पोल खोल दी है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।