वॉशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई निवेश वीज़ा योजना लॉन्च की है, जिसका मकसद बड़े विदेशी निवेशकों को अमेरिका में आने और रहने का आसान रास्ता देना है। इस योजना में दो प्रकार के वीज़ा शामिल हैं:
गोल्ड कार्ड:
- व्यक्तिगत उपयोग के लिए $1 मिलियन, कॉरपोरेट वर्जन के लिए $2 मिलियन।
- वीज़ा धारक वेटिंग और पृष्ठभूमि जांच के बाद अमेरिकी नागरिकता का विकल्प पा सकते हैं।
प्लेटिनम कार्ड:
- $5 मिलियन निवेश पर उपलब्ध।
- धारक को विदेशी आय पर कर में कुछ राहत मिल सकती है और साल में 270 दिन तक अमेरिका में रहने की अनुमति।
प्रशासन का दावा:
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह नया प्रोग्राम पुराने EB-5 वीज़ा के कमजोरियों को दूर करेगा, निवेश बढ़ाएगा, रोजगार सृजन में योगदान देगा और राष्ट्रीय बजट घाटे को कम करने में मदद करेगा। योजना से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा टैक्स कम करने, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और कर्ज चुकाने में लगाया जाएगा।
चिंताएं और आलोचनाएं:
- कानूनी आधार: अभी तक इस योजना के लिए कांग्रेस द्वारा कोई कानून पारित नहीं हुआ, जिससे कार्यान्वयन की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
- उच्च लागत और कम पात्रता: $5 मिलियन शुल्क बहुत ऊंचा है और सीमित संख्या में ही लोग इसे भर सकते हैं। अधिकांश अमीर निवेशक निवेश पर कोई प्रतिफल न होने के कारण इसे अपनाने से हिचकिचा सकते हैं।
- कर राहत और असमानता: प्लेटिनम कार्ड धारकों को विदेशी आय पर कर राहत मिलने से अमेरिका में निवासियों में असमानता पैदा होने की आशंका है।
- पारदर्शिता और वास्तविकता: योजना की प्रक्रियाएं और वेबसाइट अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। अन्य देशों की “गोल्डन वीज़ा” योजनाओं की तरह सुरक्षित और पारदर्शी ढांचा अभी अधूरा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि योजना का सफल कार्यान्वयन और कानूनी स्थायित्व अभी स्पष्ट नहीं है।