Mohali, 28 September
भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद (आईसीएएस), जो 1984 में स्थापित एक प्रतिष्ठित संस्था है और जिसके भारतभर में 60 चैप्टर हैं, ने माननीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अनिल कौशल के मार्गदर्शन में भव्य ज्योतिष संगोष्ठी एवं वार्षिक आम बैठक आयोजित की।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में माननीय कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन कौशिक, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, डॉ. अंजनयजुलु, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सौम्य कुमार, श्री अनिल कौशल, राष्ट्रीय सचिव श्री प्रदीप वाई. गौड़ा सहित अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी, अध्याय अध्यक्ष/अध्यक्षा और आईसीएएस के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मेज़बानी आईसीएएस के चंडीगढ़, लुधियाना और पंचकूला चैप्टर ने की। आयोजन समिति में शामिल थे:
- श्री हर्ष कुमार लखनपाल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ चैप्टर
- सुश्री सुखदीप गहोत्रा, अध्यक्षा, पंचकूला चैप्टर
- श्री गुरजीत भाकुरी, अध्यक्ष, लुधियाना चैप्टर
- सुश्री हतींदर दीप कौर, वाइस चेयरपर्सन
- श्री विजय नरूला, सचिव
ज्योतिष विज्ञान को अक्सर अंधविश्वास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आईसीएएस इसे एक वैज्ञानिक और तार्किक अनुशासन के रूप में प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में यह तथ्य उजागर किया गया कि ज्योतिष केवल परंपरा या विश्वास प्रणाली नहीं है, बल्कि खगोलीय पिंडों के मानव जीवन पर प्रभाव का अध्ययन करने वाला सुव्यवस्थित विज्ञान है।
संगोष्ठी और एजीएम ने उन विद्यार्थियों और विद्वानों को सम्मानित किया जिन्होंने ज्योतिष विषय में उत्कृष्टता प्राप्त की। कार्यक्रम में ज्योतिष के वैज्ञानिक पहलुओं, इसके आधुनिक जीवन में उपयोग और प्राचीन ज्ञान के वर्तमान अनुप्रयोगों पर गहन चर्चा हुई।
आईसीएएस के पेशेवर संकाय सदस्य ज्योतिष और संबंधित विषयों को अंधविश्वास से अलग कर वैज्ञानिक आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं। परिषद का उद्देश्य योग्य ज्योतिषियों, हस्तरेखाशास्त्रियों और वास्तु विशेषज्ञों को जोड़कर ज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।आईसीएएस स्वयं को ज्योतिषीय संघों, संस्थानों और संगठनों की सर्वोच्च संस्था बनाने की दिशा में काम कर रहा है और इसके फैकल्टी सदस्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपने ज्ञान का प्रसार करते रहे हैं।