अयोध्या | भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव में गुरुवार रात हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। देखते ही देखते रामकुमार गुप्ता का घर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान रामकुमार गुप्ता (मकान मालिक), उनके बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी, और साली वंदना के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरी रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। मलबा हटाने के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
गांव में दहशत और मातम का माहौल
धमाके के बाद आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए, जबकि मौके पर धूल और धुएं का गुबार छा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर कुछ ही सेकंड में पूरी तरह ढह गया। गांव में अब भी डर और सन्नाटा पसरा हुआ है।
18 महीने पहले भी हुआ था ऐसा हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, अप्रैल 2024 में भी इसी परिवार के पुराने घर में विस्फोट हुआ था, जिसमें रामकुमार की मां और पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई थीं और बाद में उनकी मौत हो गई थी। उस हादसे में एक अन्य लड़की की भी मलबे में दबकर मौत हो गई थी।
गांववालों का दावा है कि रामकुमार पटाखों के अवैध कारोबार से जुड़ा था और घर में विस्फोटक सामग्री रखता था, हालांकि पिछले हादसे को भी सिलेंडर ब्लास्ट ही बताया गया था। हादसे के बाद उसने नया मकान मधुपुर रोड पर बना लिया था, लेकिन 18 महीने बाद इतिहास फिर दोहराया गया।
प्रशासन ने क्या कहा
डीएम निखिल टीकाराम फुंटेस ने बताया कि उन्हें रात करीब 7:30 बजे ब्लास्ट की सूचना मिली। राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
डीएम के अनुसार, प्रारंभिक जांच में धमाके की उत्पत्ति रसोईघर से होने की संभावना है, क्योंकि वहां गैस सिलेंडर और बर्तन पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिले हैं। हालांकि, अंतिम कारण फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि रामकुमार पिछले एक साल से नए मकान में परिवार सहित रह रहा था। मकान के आसपास कोई दूसरा घर नहीं था, जिससे धमाके का असर पूरे क्षेत्र में महसूस हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीयों का दावा
गांववालों का कहना है कि दोनों हादसों के पीछे पटाखों का स्टॉक भी कारण हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमाका गैस सिलेंडर से हुआ या किसी अन्य विस्फोटक सामग्री से।