Sonipat, 12 October
सोनीपत अनाज मंडी में किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। 22 तारीख से पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, लेकिन मंडी में खरीद केवल नाममात्र ही हुई है।किसानों का कहना है कि मंडी में सुविधाओं के नाम पर केवल दावे ही किए गए हैं, जबकि मूलभूत सुविधाएं तक अनुपलब्ध हैं।
बारिश और तूफान से बचाकर अपनी मेहनत की फसल — जिसे किसान पीला सोना कहते हैं — मंडी में लाए, लेकिन उनका इंतजार व्यर्थ साबित हो रहा है। किसानों के अनुसार, अधिकारियों की ओर से उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। समय पर खरीद न होने के कारण कई किसानों की फसल बारिश में खराब हो गई है।किसानों के समर्थन में मंडी पहुंचे किसान नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत की और जल्द समाधान की मांग की। नेताओं का कहना है कि अगर किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।किसान जयभगवान का कहना है कि – मैं 10 दिन से मंडी में बैठा हूँ, फसल नहीं बिक रही। सरकारी खरीद नाममात्र है। भाजपा नेता आते हैं, फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं।
वहीं, मंडी सेक्ट्री ज्योति मोर का कहना है कि मंडी में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है और सभी किसान सुविधाओं से संतुष्ट हैं। हालांकि डिजिटल मशीनों के कार्यान्वयन में भी केवल आश्वासन ही दिया गया है। ज्योति मोर का कहना है कि मंडी में कोई दिक्कत नहीं है और कोई किसान परेशान नहीं है।सोनीपत अनाज मंडी में अन्नदाताओं की दुर्दशा यह सवाल उठाती है कि क्या सरकार और प्रशासन किसानों के हित में कदम उठाएंगे या केवल राजनीति होती रहेगी।