चंडीगढ़ | दीवाली त्योहार से पहले पंजाब पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। डीजीपी गौरव यादव ने राज्य के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को सुरक्षा सख्त करने और फोर्स की अधिकतम तैनाती के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने तरनतारन और बटाला में एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स प्रमोद बान और एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठकें कीं।
बैठक के दौरान उन्होंने नार्को-टेररिज्म (नशा और आतंक का गठजोड़) और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे पर चर्चा की। डीजीपी यादव ने कहा कि पाकिस्तान पंजाब में नशे के ज़रिए आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाब पुलिस लगातार उसके मंसूबों को नाकाम कर रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियारों की सप्लाई करने के प्रयासों को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से तैनात एंटी-ड्रोन सिस्टम का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है।
सितंबर 2024 से अब तक पंजाब पुलिस ने 90 आरोपियों को गिरफ्तार कर 26 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हथियार, ग्रेनेड, विस्फोटक और आरडीएक्स बरामद कर आतंक नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।
डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध की जड़ों को खत्म करने के लिए पेशेवर और वैज्ञानिक जांच बेहद ज़रूरी है। उन्होंने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बताया कि अब तक 203 विदेशी हैंडलरों की पहचान की जा चुकी है, जो आतंक या संगठित अपराध से जुड़े हैं। इनके खिलाफ रेड कॉर्नर और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया केंद्र एजेंसियों के सहयोग से शुरू कर दी गई है।
डीजीपी यादव ने यह भी बताया कि ‘सेफ पंजाब व्हाट्सएप चैटबॉट (9779100200)’ पर मिली 33% सूचनाओं पर कार्रवाई की गई है, जिसके आधार पर 7285 एफआईआर दर्ज की गईं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नशा तस्करी और अपराध से जुड़ी जानकारी गुप्त रूप से साझा करें।
बैठक में पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी नीलांबरी जगदले, डीआईजी नानक सिंह, डीआईजी गुरमीत चौहान, एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल और एसएसपी सुहैल कासिम मीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।