Shimla, 17 October
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करनी चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बन सकें।वे शुक्रवार को पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चौपाल के शताब्दी समारोह एवं एल्युमिनी मीट के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय चौपाल क्षेत्र की शिक्षा का आधार स्तंभ रहा है और यहां से अनेक विद्यार्थियों ने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यालय को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया।उन्होंने बताया कि 1947 में प्रदेश की साक्षरता दर 7 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 99.30 प्रतिशत हो गई है, जिससे हिमाचल प्रदेश देश के अग्रणी शिक्षित राज्यों में शामिल है।
चौपाल क्षेत्र में शिक्षा विकास के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत
शिक्षा मंत्री ने बताया कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के समग्र विकास के लिए हाल ही में 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की मांगों पर शीघ्र ही विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें बजट के अनुरूप पूरा किया जाएगा, जबकि बड़ी वित्तीय आवश्यकताओं को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी।
शताब्दी स्मारिका विमोचन एवं एल्युमिनी सम्मान
इस अवसर पर रोहित ठाकुर ने विद्यालय की शताब्दी स्मारिका का विमोचन किया तथा सभी एल्युमिनी सदस्यों को सम्मानित किया। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रजनीश किमटा ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याएं उनके समक्ष रखीं।विद्यालय के प्रधानाचार्य हरि राम शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय से संबंधित मांगें प्रस्तुत कीं।