भिवानी/महेंद्रगढ़। हरियाणा के भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। नारनौल में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत चुनाव लड़े और अब आराम करना चाहते हैं। सांसद धर्मबीर सिंह का कहना है कि वे अगले महीने 70 वर्ष के हो जाएंगे और अब उन्हें सक्रिय राजनीति से संन्यास लेना चाहिए।
धर्मबीर सिंह ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने उम्र को चार चरणों में बांटा था — 25, 50, 75 और 100। उसी के अनुसार काम बांटे गए थे। अब मेरी उम्र 70 साल हो चुकी है, इसलिए मुझे भी वही नियम लागू होने चाहिए।” उनके अनुसार, यह निर्णय व्यक्तिगत और पारिवारिक दृष्टिकोण से लिया गया है।
धर्मबीर सिंह का राजनीतिक सफर 1983 में शुरू हुआ जब उन्होंने भिवानी-खेड़ा पंचायत समिति का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 1985 में वे पंचायत समिति के चेयरमैन बने और फिर सीधे विधानसभा चुनाव में उतरे, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल को तोशाम से हराया। इसके बाद उन्होंने कई बार बंसीलाल और उनके परिवार के सामने चुनाव लड़ा और जीत-हार का मिश्रित अनुभव रहा।
1999 में उन्होंने भिवानी से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और हार गए। बाद में तोशाम से चुनाव जीतकर बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह को हराया। 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद, धर्मबीर सिंह ने 2014 और 2019 में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी को हराया। 2024 में कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी राव दान सिंह को टिकट दिया, लेकिन धर्मबीर सिंह ने जीत की हैट्रिक नहीं रोकी।
सांसद धर्मबीर सिंह का संन्यास राजनीति में एक लंबा और उल्लेखनीय सफर समाप्त करने का संकेत है, जिसमें उन्होंने कई बार हरियाणा की राजनीतिक परंपराओं को चुनौती दी और अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार बनाया।