चंडीगढ़ | हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को अपनी तीसरी चिट्ठी जारी की है। इस चिट्ठी में उन्होंने ‘क्राउड’ और ‘मॉब’ (उपद्रवी भीड़) के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि जनता की शांतिपूर्ण गतिविधियों पर बल प्रयोग करना प्रजातंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
DGP ने पुलिस अधिकारियों को दिए पांच प्रमुख निर्देश:
- लाठी-डंडा अंग्रेजों की भाषा: ओपी सिंह ने लिखा कि बल प्रयोग पुरानी निरंकुश व्यवस्थाओं की भाषा थी। स्वतंत्र भारत में सभी नागरिकों के साथ धैर्य और समझदारी से पेश आएं।
- क्राउड-होस्टिंग करें: अधिकारी खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और जनता के साथ जुड़ें, ताकि भीड़ के व्यवहार को समझा जा सके और सकारात्मक प्रभाव पड़े।
- असामाजिक तत्वों की पहचान जरूरी: कुछ लोग प्रजातांत्रिक व्यवस्थाओं का दुरुपयोग कर तोड़फोड़ और आगजनी करते हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनकी गतिविधियों को रोका जाए।
- प्रोटेस्ट क्राउड मैनेजमेंट कोर्स: पुलिस अकादमी में एक शॉर्ट-टर्म कोर्स डिज़ाइन किया गया है, जिससे अधिकारी सीख सकें कि भीड़ को कैसे नियंत्रित और शांत किया जाए।
- हबीब जालिब का शेर लिखा: DGP ने लिखा कि सरकार लोगों द्वारा और लोगों के लिए बनाई गई है, पुलिस का काम कानून के अनुसार व्यवस्था बनाए रखना है और जनता के साथ घमंड या बदजुबानी से पेश न आना।
डीजीपी ने चिट्ठी में अधिकारियों से कहा कि उनका काम विधि के अनुसार व्यवस्था बनाना है ताकि गरीबी, बेरोजगारी और जन-कल्याण से जुड़े अन्य कार्य निर्बाध जारी रह सकें।