चंडीगढ़ | हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर “डिजिटल घोटाला” सुर्खियों में है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और फर्जीवाड़ा हुआ है। भिवानी जिले में लगभग 7,780 किसानों की 1.5 लाख एकड़ से अधिक भूमि को साइबर ठगों ने अपने नाम पर दर्ज कर लिया, जबकि सिरसा में करीब 39,000 एकड़ फर्जी बाजरा पंजीकरण किया गया — जहां असल में फसल मौजूद ही नहीं थी।
शैलजा ने कहा कि किसानों की मदद के लिए शुरू की गई योजनाएं — ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ और ‘भावांतर भुगतान योजना’ — अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी हैं। उनके मुताबिक, इन फर्जी पंजीकरणों के ज़रिए बोनस और मुआवज़े के करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया।
उन्होंने कहा, “भिवानी और सिरसा जिलों में हुआ यह साइबर फर्जीवाड़ा भाजपा सरकार की डिजिटल लापरवाही और डेटा सुरक्षा की विफलता को उजागर करता है। हजारों किसानों की जमीन और फसलों का रिकॉर्ड ठगों के नाम पर दर्ज होना इस बात का सबूत है कि हरियाणा में निगरानी प्रणाली पूरी तरह नाकाम हो चुकी है।”
कांग्रेस सांसद ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार की डिजिटल इंडिया की बातें अब खोखली साबित हो रही हैं। न किसानों को सुरक्षा मिली, न पारदर्शिता।”
शैलजा ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने जनता से इस फर्जीवाड़े और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की।