अंबाला। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने अंबाला में निर्मित हो रहे एशिया के सबसे बड़े शहीदी स्मारक का उद्घाटन कर सकते हैं। विज ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को शहीद स्मारक के उद्घाटन के लिए समय मांगा गया है। उन्हें उम्मीद है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस ऐतिहासिक स्मारक का लोकार्पण करेंगे।
अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला यह भव्य शहीदी स्मारक लगभग तैयार हो चुका है। मीडिया से बातचीत में विज ने बताया कि यह स्मारक न केवल हरियाणा बल्कि पूरे एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा स्मारक है, जो 1857 की आजादी की पहली लड़ाई की वीरता और बलिदान की कहानी को दर्शाने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई को केवल कांग्रेस तक सीमित दिखाया गया, जबकि कांग्रेस की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी। उससे 28 वर्ष पहले 1857 में देश के वीरों ने आजादी का बिगुल बजाया, लेकिन इतिहास में उनके बलिदान को उचित स्थान नहीं मिला। “उनके गीत नहीं गाए गए, न ही उनके नाम सम्मान के साथ लिए गए,” विज ने कहा।
उन्होंने आगे बताया कि 1857 के संग्राम में अंग्रेजों ने अत्याचार की हदें पार कर दी थीं—लोगों को पेड़ों से बांधकर गोलियों से मारा गया, बैलगाड़ी चलाने वाले कोहलू के नीचे सिर रखकर कुचला गया, कई स्वतंत्रता सेनानियों को वर्षों तक जेलों में बंद रखा गया। “इन बलिदानियों की कहानियों को सामने लाने के लिए मैंने 20–25 साल संघर्ष किया और इसी लक्ष्य के साथ यह शहीद स्मारक बनवाया गया,” उन्होंने कहा।
अनिल विज ने कहा कि स्मारक में आजादी की लड़ाई के अनदेखे अध्यायों, गुमनाम नायकों और शहीदों को सम्मान देने की विस्तृत व्यवस्था की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देश को इस ऐतिहासिक स्मारक की सौगात देंगे।