दुबई | दुबई की चकाचौंध भरी जिंदगी के बीच अचानक घटी एक दर्दनाक घटना ने भारतीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। 18 वर्षीय प्रतिभाशाली छात्र वैष्णव कृष्णकुमार का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। दिवाली के अगले ही दिन दुबई इंटरनेशनल एकेडमिक सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वैष्णव अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सपनों की उड़ान बीच में ही थमी
दुबई में जन्मे और पले-बढ़े वैष्णव मूल रूप से केरल के अलाप्पुझा के चेनिथाला से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता वी.जी. कृष्णकुमार पिछले दो दशक से दुबई में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां विदु कृष्णकुमार जीईएमएस स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार में उनकी छोटी बहन वृष्टि भी पढ़ाई कर रही है।
शानदार उपलब्धियों वाला छात्र
वैष्णव सिर्फ 18 साल की उम्र में ही अपनी प्रतिभा से नई पहचान बना चुके थे—
- CBSE कक्षा 12वीं में 97.4% अंक हासिल कर टॉपर बने
- मार्केटिंग और एंटरप्रेन्योरशिप में पूर्णांक प्राप्त किए
- जीईएमएस स्कूल के हेड बॉय और स्टूडेंट काउंसिल चेयरमैन रहे
- MUN Club (Model United Nations) के प्रेसिडेंट
- दुबई की कई कंपनियों में इंटर्नशिप
- सोशल मीडिया पर फाइनेंस और मोटिवेशनल कंटेंट क्रिएटर
- मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी दुबई में BBA (Marketing) के छात्र
- सहपाठी उन्हें कहते थे—“Tycoon in the Making”
यूएई गोल्डन वीज़ा से सम्मानित
अपनी असाधारण शैक्षणिक उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता के चलते वैष्णव को UAE Golden Visa मिला था। यह वीज़ा बेहद चुनिंदा प्रतिभाओं को दिया जाता है, जिससे वे बिना किसी स्थानीय प्रायोजक के लंबे समय तक यूएई में रह सकते हैं।
दिवाली समारोह में मौत, फॉरेंसिक जांच शुरू
दुर्घटना 22 अक्टूबर 2025 को हुई। दिवाली के बाद विश्वविद्यालय में चल रहे समारोह के दौरान वैष्णव अचानक गिर पड़े। परिवार के मुताबिक उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनका कार्डियक अरेस्ट हुआ। दुबई पुलिस फॉरेंसिक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है, क्योंकि वैष्णव की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए परिवार इस हादसे को लेकर सवाल उठा रहा है।
परिवार और समुदाय सदमे में
उनकी असमय मृत्यु ने स्कूल, विश्वविद्यालय और पूरे यूएई भारतीय समुदाय को शोक में डूबा दिया है। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी और इसे “भविष्य का चमकता सितारा खोने” जैसा बताया।