नई दिल्ली | दुनिया की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम 2022 के बाद कंपनी की सबसे बड़ी वर्कफोर्स कटौती मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह निर्णय लागत में कमी और दीर्घकालिक व्यवसाय रणनीति को मजबूत करने की दिशा में लिया गया है।
महामारी के बाद पुनर्संरचना की प्रक्रिया तेज
कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन खरीदारी में उछाल आने के कारण अमेजन ने बड़ी संख्या में भर्ती की थी। कंपनी के अनुसार, उस समय मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक से अधिक नियुक्तियां की गई थीं। अब बाजार सामान्य होने और डिमांड में स्थिरता आने के बाद कंपनी वर्कफोर्स का पुनर्संतुलन कर रही है। अमेजन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने और संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए यह छंटनी जरूरी है।
कॉर्पोरेट ढांचे पर गहरा असर
अमेजन के पास दुनियाभर में लगभग 15.5 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें से 3.5 लाख कॉर्पोरेट कार्यबल है। मौजूदा छंटनी कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लगभग 10% हिस्से को प्रभावित करेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छंटनी का सबसे ज्यादा असर इन विभागों पर पड़ेगा:
- पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी (HR)
- डिवाइस एंड सर्विसेज डिवीजन (जैसे Alexa यूनिट)
- ऑपरेशंस मैनेजमेंट टीम
AI तकनीक की बढ़ती भूमिका, नौकरियाँ खतरे में
अमेजन के सीईओ एंडी जेसी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कंपनी अपने संचालन में तेजी लाने के लिए ब्यूरोक्रेसी खत्म करने और AI आधारित सिस्टम अपनाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में तेजी के कारण कंपनी मानव संसाधन पर निर्भरता कम कर रही है, जिसके चलते पारंपरिक नौकरियां प्रभावित होंगी।
माना जा रहा है कि यह छंटनी सिर्फ शुरुआत है और आने वाले महीनों में AI ऑटोमेशन की वजह से कई भूमिकाएं बदल सकती हैं या खत्म हो सकती हैं।