Kullu, Manminder Arora
आपदा के बाद एक बार फिर पर्यटन नगरी मनाली मुस्कुरा उठी है। अब सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी है और सोलंगनाला, अटल टनल रोहतांग, मढ़ी और रोहतांग दर्रा जैसे पर्यटन स्थल फिर से पर्यटकों से गुलजार होने लगे हैं।
होटलों में ऑक्यूपेंसी 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे पर्यटन कारोबारियों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों और दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। मनाली उपमंडल में पंजीकृत 1009 होटल और 302 होमस्टे से हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा है।पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी साहसिक गतिविधियां सैलानियों को आकर्षित कर रही हैं। इन दिनों ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का खूब आनंद लिया जा रहा है।गौरतलब है कि रोहतांग दर्रा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अक्टूबर माह में ही बर्फबारी हो चुकी है, जिससे पर्यटन गतिविधियों को और बल मिला है।
होटल संचालक धर्मपाल शर्मा ने कहा कि “सरकार की तत्परता और कुशल योजना से मनाली के पर्यटन कारोबार को पुनर्जीवित किया गया है।मनाली के माल रोड स्थित व्यवसायी मिथलेश कुमार का कहना है कि “सड़कों की त्वरित बहाली और वोल्वो बसों की आवाजाही से सैलानियों का विश्वास लौटा है। आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।”
तोरुल एस. रवीश, उपायुक्त कुल्लू ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि मनाली आने वाले सैलानियों को हर संभव सुविधा मिले। स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यटन उद्योग की निरंतरता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।