लुधियाना। इंटरनैशनल एंटी-खालिस्तान आतंकवादी फ्रंट के राष्ट्रीय प्रधान गुरसिमरन सिंह मंड ने सुप्रीम कोर्ट में गैंगस्टर शहजाद भट्टी को आतंकवादी घोषित करने की रिट वापस लेने की मांग के मद्देनजर जान से मारने की धमकियों की शिकायत थाना सदर में दर्ज कराई है। मंड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धार्मिक स्थलों और पवित्र वस्तुओं को नुकसान पहुंचाने, मानसिक शांति भंग करने, हमला करने व धमकियाँ देने के आरोपों में मामला दर्ज कर लिया है।
मंड ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि पिछले कुछ समय से उसे और उसके परिवार को व्हाट्सऐप व इंस्टाग्राम के जरिए बार-बार जान से मारने व अपहरण की धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि धमकी भरे ऑडियो संदेश भेजने वाला खुद को शहजाद भट्टी का करीबी बता रहा है और संदेशों में घर पर हैंड ग्रेनेड व रॉकेट लांचर से हमले तथा अलग-अलग मंदिरों, विशेषकर राम मंदिर, को निशाना बनाने की बातें की गई हैं।
शिकायत में आगे कहा गया है कि धमकी देने वालों ने बताया है कि मंड व उनके परिवार की “सुपारी” दे दी गई है और उन्हें अगवा कर गोली मार दी जाएगी। धमकियों में संदेश भेजने वालों ने अपने वाजिब हथियार होने का भी दावा किया और यह चेतावनी दी कि यदि मंड रुकेंगे तो उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। मंड ने इन संदेशों के स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी हैं।
थाना सदर की पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी है और अज्ञात दोषियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और तकनीकी व साइबर साक्ष्य की मदद से धमकियाँ देने वालों का पता लगाया जा रहा है।
इसी बीच इंटरनैशनल एंटी-खालिस्तान आतंकवादी फ्रंट के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी संचित मल्होत्रा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की शांति भंग करने वाले व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की है कि सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर आतंक फैलाने वाली आईडीज़ को तुरंत ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए जाएँ ताकि धार्मिक और सामाजिक शांति सुरक्षित रहे। मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपियों की पहचान की पुष्टि पुलिस के जारी बयान के बाद ही हो सकेगी।