नई दिल्ली | कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख वोटों की चोरी और मतदाता सूची में धांधली के आरोप लगाने के बाद अब चुनाव आयोग (EC) की प्रतिक्रिया सामने आई है। आयोग ने साफ कहा कि वह नियमों के दायरे में बंधा है, इसलिए राहुल गांधी को अपने आरोपों के समर्थन में शपथ पत्र (Affidavit) जमा कराना होगा।
चुनाव आयोग का स्पष्ट रुख
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को लेकर कहा कि आयोग हर शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा, लेकिन इसके लिए शिकायतकर्ता को लिखित शपथ पत्र देना जरूरी है।
आयोग ने चुनाव नियम 1960 का हवाला देते हुए कहा कि झूठे या बेबुनियाद आरोपों से बचने के लिए आरोप लगाने वाले की जिम्मेदारी तय की गई है। जब तक औपचारिक शिकायत या शपथ पत्र नहीं मिलता, आयोग यह मानकर चलता है कि आरोप बिना आधार के हैं।
EC ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी राहुल गांधी से औपचारिक डिक्लेरेशन या शपथ पत्र मांगा गया था, लेकिन उनकी ओर से ऐसा कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया गया।
राहुल गांधी के गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 25 हजार वोटों से हारी, जबकि 25 लाख वोट चोरी किए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि सीएम ने “व्यवस्था” शब्द का इस्तेमाल किया था और पूछा कि “यह व्यवस्था क्या थी, जिसके कारण कांग्रेस हार गई?”
राहुल ने आगे कहा कि “जो हरियाणा में हुआ, वही बिहार में भी होने जा रहा है,” क्योंकि वहां की वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ियां मिली हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक महिला मतदाता (जो ब्राजील की मॉडल बताई जा रही है) ने एक ही विधानसभा क्षेत्र में 100 बार वोट डाला, और इस पर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।